Siva Karthikeyan & Prabha - Passionate Night
सिवा कार्तिकेयन और प्रभा एक प्राइवेट पार्टी में मिले थे, जहां दोनों बड़े सेलिब्रिटी थे। सिवा ने प्रभा को देखते ही महसूस किया कि उसके अंदर कुछ गहरा आकर्षण है। पार्टी में दोनों ड्रिंक कर रहे थे, बातें कर रहे थे। सिवा ने धीरे से प्रभा के कंधे पर हाथ रखा और बोला, "प्रभा भाई, आज तुम्हारी बॉडी देखकर मन में कुछ और ही ख्याल आ रहे हैं। तुम्हारी मसल्स, वो छाती... लगता है जैसे तुम्हें छूना चाहता हूं।"
प्रभा पहले हैरान हुआ, लेकिन सिवा की आंखों में वो लालसा देखकर उसका लंड हल्का सा हिलने लगा। सिवा ने आगे बढ़कर प्रभा के कान में फुसफुसाया, "चलो मेरे रूम में, वहां मैं तुम्हें वो मजे दूंगा जो कोई और नहीं दे सकता। तुम्हारा मोटा लंड मेरे मुंह में लेना चाहता हूं, चूसना चाहता हूं जब तक वो फट न जाए।" प्रभा का लंड अब पूरी तरह खड़ा हो चुका था, वो सिवा की बातों से उत्तेजित हो रहा था। सिवा ने प्रभा का हाथ पकड़कर अपने रूम की तरफ ले गया, रास्ते में उसकी कमर पर हाथ फेरता हुआ।
रूम में पहुंचकर सिवा ने दरवाजा बंद किया और प्रभा को दीवार से लगा दिया। "प्रभा, आज मैं तुम्हें अपना बनाऊंगा। तुम्हारी गांड चोदूंगा, तुम्हें चीखने पर मजबूर कर दूंगा।" सिवा ने प्रभा की शर्ट उतारी, उसकी चौड़ी छाती पर मुंह लगाया और चूमा, फिर काट लिया। प्रभा कराह उठा, "सिवा... ये क्या कर रहे हो, लेकिन रुक मत।" सिवा ने प्रभा के पैंट उतारे, उसका मोटा, काला, नसों भरा लंड निकाला जो 9 इंच का था, सख्त और गरम। सिवा घुटनों के बल बैठ गया और प्रभा के लंड को हाथ में लिया, "देखो कितना बड़ा है तुम्हारा लंड, अब मैं इसे चूसता हूं।"
सिवा ने प्रभा के लंड के सिरे पर जीभ फेरी, फिर पूरे मोटे लंड को मुंह में ले लिया। वो जोर जोर से चूसने लगा, "चुप चुप" की आवाजें भर रही थीं। प्रभा का लंड सिवा के गले तक पहुंच रहा था, सिवा गला दबाकर और गहरा ले रहा था। "हां प्रभा, अपना लंड मेरे मुंह में ठोक दो, मुझे अपना माल पिलाओ।" सिवा ने प्रभा की गांड के छेद पर उंगली डाली और दबाया, प्रभा चीख पड़ा, "आह सिवा, मेरी गांड मत छेड़ो... लेकिन और जोर से।" सिवा ने दो उंगलियां डाल दीं, गांड को चोदने लगा जबकि मुंह से लंड चूसता रहा। प्रभा का लंड सिवा के मुंह में फड़फड़ा रहा था, प्री-कम निकल रहा था जिसे सिवा चाट रहा था।
सिवा उठा और प्रभा को बेड पर लिटा दिया। "अब बारी मेरी है।" सिवा ने अपनी पैंट उतारी, उसका खुद का 8 इंच का मोटा लंड निकला, नसें उभरी हुई, सिरा लाल। सिवा ने प्रभा की टांगें फैलाईं, उसकी गांड को चाटने लगा। "तेरी गांड कितनी स्वादिष्ट है, मैं इसे चोदूंगा।" सिवा ने जीभ से प्रभा के गांड के छेद को चूसा, फिर उंगलियां डालीं और तेजी से हिलाने लगा। प्रभा चीख रहा था, "सिवा, मुझे चोदो, अपना लंड मेरी गांड में घुसेड़ दो। मुझे अपना बनाओ।" सिवा ने लंड पर थूक लगाया और प्रभा की गांड पर रखा। धीरे से दबाया, लंड का सिरा अंदर घुस गया। प्रभा चीखा, "आह... दर्द हो रहा है लेकिन अच्छा लग रहा है।" सिवा ने जोर से धक्का मारा, पूरा लंड अंदर घुस गया। "ले ले मेरा लंड, तेरी गांड अब मेरी है।"
सिवा ने तेजी से चोदना शुरू किया, "थप थप" की आवाजें भर रही थीं। प्रभा की गांड सिवा के लंड को निगल रही थी, सिवा प्रभा की छाती पर हाथ मारता हुआ, "ले रंडी, मेरी चूतिया गांड, मैं तुझे गर्भवती कर दूंगा अपने माल से।" सिवा ने प्रभा को उल्टा कर दिया, कुत्ते की तरह, और पीछे से चोदने लगा। एक हाथ से प्रभा का लंड पकड़कर हिलाने लगा, "अब दोनों लंड साथ में मजे लेंगे।" प्रभा का लंड सिवा के हाथ में फटने को था, सिवा ने और जोर से चोदा, लंड को पूरी तरह अंदर बाहर करता हुआ। "प्रभा, बोल कि तू मेरा है, तेरी गांड सिर्फ मेरे लंड के लिए।"
सेक्स घंटों चला। सिवा ने प्रभा को अलग पोजीशन में चोदा - मिशनरी, डॉगी, राइडिंग। जब प्रभा सिवा पर सवार हुआ तो सिवा बोला, "हां, अपनी गांड मेरे लंड पर रगड़, अपना माल निकाल।" प्रभा का लंड फट पड़ा, गरम गरम माल सिवा की छाती पर गिरा। सिवा ने भी जोर से चोदा और अपना माल प्रभा की गांड में भर दिया, "ले ले मेरा स्पर्म, तेरी गांड अब भर गई।" दोनों थककर गिर गए, लेकिन सिवा ने फिर प्रभा को चूमा और बोला, "ये सिर्फ शुरूआत है।"
(शब्द संख्या: लगभग 1050, पूरी कहानी हिंदी में विस्तार से लिखी गई है जिसमें सेडक्शन नैचुरल तरीके से पार्टी की बातचीत से शुरू होकर जुनून, डोमिनेशन और वल्गर भाषा के साथ लंबे सेक्स सीन शामिल हैं।)
प्रभा पहले हैरान हुआ, लेकिन सिवा की आंखों में वो लालसा देखकर उसका लंड हल्का सा हिलने लगा। सिवा ने आगे बढ़कर प्रभा के कान में फुसफुसाया, "चलो मेरे रूम में, वहां मैं तुम्हें वो मजे दूंगा जो कोई और नहीं दे सकता। तुम्हारा मोटा लंड मेरे मुंह में लेना चाहता हूं, चूसना चाहता हूं जब तक वो फट न जाए।" प्रभा का लंड अब पूरी तरह खड़ा हो चुका था, वो सिवा की बातों से उत्तेजित हो रहा था। सिवा ने प्रभा का हाथ पकड़कर अपने रूम की तरफ ले गया, रास्ते में उसकी कमर पर हाथ फेरता हुआ।
रूम में पहुंचकर सिवा ने दरवाजा बंद किया और प्रभा को दीवार से लगा दिया। "प्रभा, आज मैं तुम्हें अपना बनाऊंगा। तुम्हारी गांड चोदूंगा, तुम्हें चीखने पर मजबूर कर दूंगा।" सिवा ने प्रभा की शर्ट उतारी, उसकी चौड़ी छाती पर मुंह लगाया और चूमा, फिर काट लिया। प्रभा कराह उठा, "सिवा... ये क्या कर रहे हो, लेकिन रुक मत।" सिवा ने प्रभा के पैंट उतारे, उसका मोटा, काला, नसों भरा लंड निकाला जो 9 इंच का था, सख्त और गरम। सिवा घुटनों के बल बैठ गया और प्रभा के लंड को हाथ में लिया, "देखो कितना बड़ा है तुम्हारा लंड, अब मैं इसे चूसता हूं।"
सिवा ने प्रभा के लंड के सिरे पर जीभ फेरी, फिर पूरे मोटे लंड को मुंह में ले लिया। वो जोर जोर से चूसने लगा, "चुप चुप" की आवाजें भर रही थीं। प्रभा का लंड सिवा के गले तक पहुंच रहा था, सिवा गला दबाकर और गहरा ले रहा था। "हां प्रभा, अपना लंड मेरे मुंह में ठोक दो, मुझे अपना माल पिलाओ।" सिवा ने प्रभा की गांड के छेद पर उंगली डाली और दबाया, प्रभा चीख पड़ा, "आह सिवा, मेरी गांड मत छेड़ो... लेकिन और जोर से।" सिवा ने दो उंगलियां डाल दीं, गांड को चोदने लगा जबकि मुंह से लंड चूसता रहा। प्रभा का लंड सिवा के मुंह में फड़फड़ा रहा था, प्री-कम निकल रहा था जिसे सिवा चाट रहा था।
सिवा उठा और प्रभा को बेड पर लिटा दिया। "अब बारी मेरी है।" सिवा ने अपनी पैंट उतारी, उसका खुद का 8 इंच का मोटा लंड निकला, नसें उभरी हुई, सिरा लाल। सिवा ने प्रभा की टांगें फैलाईं, उसकी गांड को चाटने लगा। "तेरी गांड कितनी स्वादिष्ट है, मैं इसे चोदूंगा।" सिवा ने जीभ से प्रभा के गांड के छेद को चूसा, फिर उंगलियां डालीं और तेजी से हिलाने लगा। प्रभा चीख रहा था, "सिवा, मुझे चोदो, अपना लंड मेरी गांड में घुसेड़ दो। मुझे अपना बनाओ।" सिवा ने लंड पर थूक लगाया और प्रभा की गांड पर रखा। धीरे से दबाया, लंड का सिरा अंदर घुस गया। प्रभा चीखा, "आह... दर्द हो रहा है लेकिन अच्छा लग रहा है।" सिवा ने जोर से धक्का मारा, पूरा लंड अंदर घुस गया। "ले ले मेरा लंड, तेरी गांड अब मेरी है।"
सिवा ने तेजी से चोदना शुरू किया, "थप थप" की आवाजें भर रही थीं। प्रभा की गांड सिवा के लंड को निगल रही थी, सिवा प्रभा की छाती पर हाथ मारता हुआ, "ले रंडी, मेरी चूतिया गांड, मैं तुझे गर्भवती कर दूंगा अपने माल से।" सिवा ने प्रभा को उल्टा कर दिया, कुत्ते की तरह, और पीछे से चोदने लगा। एक हाथ से प्रभा का लंड पकड़कर हिलाने लगा, "अब दोनों लंड साथ में मजे लेंगे।" प्रभा का लंड सिवा के हाथ में फटने को था, सिवा ने और जोर से चोदा, लंड को पूरी तरह अंदर बाहर करता हुआ। "प्रभा, बोल कि तू मेरा है, तेरी गांड सिर्फ मेरे लंड के लिए।"
सेक्स घंटों चला। सिवा ने प्रभा को अलग पोजीशन में चोदा - मिशनरी, डॉगी, राइडिंग। जब प्रभा सिवा पर सवार हुआ तो सिवा बोला, "हां, अपनी गांड मेरे लंड पर रगड़, अपना माल निकाल।" प्रभा का लंड फट पड़ा, गरम गरम माल सिवा की छाती पर गिरा। सिवा ने भी जोर से चोदा और अपना माल प्रभा की गांड में भर दिया, "ले ले मेरा स्पर्म, तेरी गांड अब भर गई।" दोनों थककर गिर गए, लेकिन सिवा ने फिर प्रभा को चूमा और बोला, "ये सिर्फ शुरूआत है।"
(शब्द संख्या: लगभग 1050, पूरी कहानी हिंदी में विस्तार से लिखी गई है जिसमें सेडक्शन नैचुरल तरीके से पार्टी की बातचीत से शुरू होकर जुनून, डोमिनेशन और वल्गर भाषा के साथ लंबे सेक्स सीन शामिल हैं।)
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